प्राकृतिक गैस ( Natural Gas )

प्राकृतिक गैस ( Natural Gas )  एक स्वच्छ ऊर्जा संसाधन है जो पेट्रोलियम के साथ – साथ एवं स्वतंत्र रूप से भी पायी जाती है । इसका प्रयोग उद्योगों में  मशीनों को चलाने विद्यत उत्पादन , तथा रासायनिक उर्वरकों के निर्माण में किया जाता है । साथ ही , इसे पेट्रो रसायन उद्योग में एक औद्योगिक कच्चे माल के रूप में प्रयोग किया जाता है, दहन की प्रक्रिया में कार्बन डाइऑक्साइड ( CO2) के कम उत्सर्जम के कारण प्राकतिक गैस को पर्यावरण अनुकूल माना जाता है । है । इसीलिए प्राकृतिक गैस को वर्तमान शताब्दी का ईंधन कहा जाता है ।

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इसका परिवहन पाइप लाइन द्वारा कम लागत पर आसानी से लम्बी दूरी तक किया जा सकता है ।

प्राकृतिक गैस उत्पादक शीर्ष क्षेत्र अपतटीय क्षेत्र
अपतटीय क्षेत्र 70.17
असम 9.44
गुजरात 4.92
त्रिपुरा 4.63
राजस्थान 3.93
तमिलनाडु 3.13
 

भारत में प्राकृतिक गैस को दो भागों में वर्गीकृत किया गया है

 

कंप्रेस्ड नेचुरल गैस ( CNG ) : 

प्राकृतिक गैस Natural Gas को वाहनों में प्रयोग करने के लिए 200 – 250 किग्रा . प्रति वर्ग सेमी . तक दबाया जाता है । इसलिए प्राकृतिक गैस के दाबित रूप को कंप्रेस्ड नेचुरल गैस कहते हैं ।

लिक्वीफाइड नेचुरल गैस ( LNG ) : 

यह मुख्यतः मीथेन निर्मित प्राकृतिक गैस होती है , जिसे भंडारण एवं परिवहन की सुविधा की दृष्टि से तरल रूप में परिवर्तित किया जाता है । LNG रंगहीन , गंधहीन एवं गैर विषैली होती है ।

कृष्णा – गोदावरी बेसिन ( के . जी . बेसिन ) 

आंध्र प्रदेश में यनम – काकीनाडा तट से 6 किमी . की दूर 5061 मी , की गहराई पर प्राकृतिक गैस का नया भण्डार प्राप्त हुआ है । यह देश में प्राकृतिक गैस का अब तक का सबसे बड़ा भंडार है । 

 

 

निजी क्षेत्र की रिलांयस इंडस्ट्रीज लिमिटेड ( RIL ) ने बंगाल की खाड़ी में स्थित कृष्णा – गोदावरी बेसिन ( के . जी . बेसिन ) के डी – 6 ब्लॉक में । अप्रैल , 2009 से प्राकृतिक गैस का उत्पादन प्रारम्भ किया है ।
डी – 6 ब्लॉक जब अपनी पूरी क्षमता से गैस का उत्पादन करेगा तब देश में गैस का घरेलू उत्पादन दोगुना हो जाएगा तथा इससे गैस की वर्तमान आवश्यकता के 90 % भाग की पूर्ति हो जाएगी ।

काकीनाडाके समीप गाडीमोडा गाँव में स्थापित केन्द्र से पाइप लाइन के माध्यम से देश की उर्वरक व विद्युत कम्पनियों को इस गैस की आपूर्ति की जाएगी । नागार्जुन फर्टीलाइजर्स इसकी पहली ग्राहक व पहली ऐसी इकाई है जो बाजार आधारित कीमत पर मिलने वाले स्वच्छ धन से संचालित होगी ।

ऊर्जा गंगा परियोजना

24 अक्टूबर , 2016 को वाराणसी ( उत्तर प्रदेश ) में ऊर्जा गंगा पाइपलाइन परियोजना प्रारम्भ की गई । इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य देश के पूर्वी क्षेत्र के निवासियों को पाइप नेचुरल गैस ( PNG ) और वाहनों के लिए कम्प्रेस्ड नेचुरल गैस ( CNG ) उपलब्ध कराना है ।

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इस योजना में 4 राज्यों ( उत्तर प्रदेश , बिहार , झारखण्ड और ओडिशा ) के लिए 51 हजार करोड़ रुपये की राशि निर्धारित की गई है । यह परियोजना सार्वजनिक क्षेत्र की कम्पनी गैस अथॉरिटी ऑफ इण्डिया लिमिटेड ( गेल ) द्वारा कार्यान्वित की जा रही है । इस परियोजना के अन्तर्गत जगदीशपुर ( उत्तर प्रदेश ) से हल्दिया ( पश्चिम बंगाल ) तक 2 , 050 किमी . लम्बी पाइपलाइन बिछाई जानी है , जिसे वर्ष 2018 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है ।

ऊर्जा गंगा पाइपलाइन

देश का प्रथम जैव सी . एन . जी . ईंधन संयंत्र 

भारत के प्रथम जैव CNG इंधन संयंत्र का 13 अगस्त , 2016 को पुणे , महाराष्ट्र में शुभारंभ किया गया । यह संयंत्र कृषि अपशिष्ट से CNG का उत्पादन करता है । यह संयंत्र पुणे स्थित प्रिमोव इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड द्वारा स्थापित किया गया है । यह संयंत्र प्रुफ ऑफ कांसेप्ट ( Proof of Concept ) की अवधारणा के रूप में स्थापित किया गया है । जिसे कहीं भी दोबारा बनाया जा सकता है ।

 

प्रधानमंत्री एलपीजी पंचायत 

23 सिंतबर , 2017 को गुजरात के गांधीनगर जिले के मोटा इशानपुर गाँव में प्रधानमंत्री एलपीजी पंचायत का शुभारंभ किया गया । प्रधानमंत्री एलपीजी पंचायत का लक्ष्य एलपीजी | उपयोगकर्ताओं , विशेष रूप से महिलाओं को इसके स्वच्छ इंधन के रूप में उचित उपयोग तथा अन्य लाभों के सम्बंध में जागरूक करना है ।
यह योजना प्रधानमंत्री उज्जवला योजना को सहयोग ( Backup ) प्रदान करेगी ।

 

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