ऑस्ट्रेलिया के जंगल काअग्निकांड 

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ऑस्ट्रेलिया के जंगल में अब तक का सबसे बड़ा अग्निकांड हुआ है. यहां के जंगल कई दिनें से धधक रहे हैं.

एक बयान में ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री ने कहा, ‘हमारा देश इस वक्त देश भर में फैली भीषण जंगल की आग संकट से जूझ रहा है, इस मुश्किल घड़ी में हमारी सरकार का पूरा ध्यान ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों की मदद करने पर केंद्रित है. कई लोग फिलहाल आग के खतरे का सामना कर रहे हैं और कई लोग इससे उबर चुके हैं।

बयान के अनुसार प्रधानमंत्री ने भारत की अपनी राजकीय यात्रा एवं जापान की आधिकारिक यात्रा रद्द कर दी ताकि वह ऑस्ट्रेलिया में आई आपदा के समय देश में रहें और बचाव कार्यों पर करीब से नजर रख सकें।

बयान के अनुसार, “देश भर में हमलोग जहां भी गए वहां हमें जंगल की आग के कारण तबाही और निराशा ही दिखी, सबसे अच्छी बात यह दिखी कि संकट की इस घड़ी में ऑस्ट्रेलियावासी एक साथ मिलकर एक दूसरे की मदद को आगे आए हैं।”

आग में लगभग 50 करोड़ जानवर जलकर मरे

चार महीने का समय बीत चुका है। लेकिन ऑस्ट्रेलिया के जंगलों में लगी आग खत्म होने का नाम ही नहीं ले रही है। यूनिवर्सिटी ऑफ सिडनी के इकोलॉजिस्ट ने अनुमान जताया है कि अब तक 48 करोड़ जानवरों की मौत आग में झुलसने से हुई है. इसमें स्तनधारी पशु, पक्षी और रेंगने वाले जीव सभी शामिल हैं।
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दुलर्भ प्रजाति में आते हैं कोआला भालू

कोआला (Koala) ऑस्ट्रेलिया के जंगलों (पढ़ें amazon ke junglon ki aag)में वृक्षों पर रहनेवाला दुर्लभ प्रजाति का जानवर होता है। फैसकोलार्कटिडाए (Phascolarctidae) प्रजाति का कोआला आखिरी दुर्लभ जानवर है। मुख्य तौर पर यह पूर्वी और दक्षिणी ऑस्ट्रेलिया के तटवर्ती क्षेत्रों में मिलता है। 20वीं सदी में दक्षिण ऑस्ट्रेलिया के अधिकतर कोआला मार दिए गए थे, लेकिन बाद में उन्हें संरक्षित करने के लिए अभियान चलाया गया। कई समाजसेवी संस्थाएं कोआला प्रजाति के भालू को बचान के लिए इस वक्त ऑस्ट्रेलिया में काम कर रहे हैं।
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कोआला की तादाद में भारी गिरावट न्यू साउथ वेल्स के मध्य-उत्तरी इलाके में सबसे अधिक कोआला (जानवर) निवास करते हैं, लेकिन जंगलों में लगी आग की वजह से उनकी आबादी में भारी गिरावट आई है।
तथा इनकी संख्या आधी रह गई है।
वन्य जीवों को बचाने और आग पर नियंत्रण पाने के लिए बड़े पैमाने पर चलाया जा रहा रेस्क्यू ऑपरेशन
चलाये जा रहें हैं (जरूर पढ़ें chorona virus)

मौत होनेवाले जानवरों में स्तनधारी पशु, पक्षी और रेंगने वाले जीव सभी शामिल हैं। जानवरों को बचाने के लिए भी ऑस्ट्रेलियाई सरकार रेस्क्यू अभियान चला रही है। जंगल में आग का प्रभाव बढ़ने के बाद राष्ट्रीय पशु कंगारू जान बचाने के लिए शहरों की ओर भाग रहे हैं।

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