हॉन्गकॉन्ग के निवासियों को ब्रिटिश वीज़ा BRITISH VISA TO THE PEOPLE OF HONGKONG

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हाल ही में ब्रिटेन ने हॉन्गकॉन्ग के निवासियों को अपने देश में निवास करने और नागरिकता प्रदान करने के लिये एक विशेष प्रकार का वीज़ा शुरू किया है । 

प्रमुख बिंदु – हॉन्गकॉन्ग के निवासियों को ब्रिटिश वीज़ा BRITISH VISA TO THE PEOPLE OF HONGKONG

यह कदम चीन द्वारा हॉन्गकॉन्ग पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून ( National Security Law ) लागू करने के बाद उठाया गया है । इस सुरक्षा कानून का उद्देश्य भविष्य में हॉन्गकॉन्ग में वर्ष 2019 जैसे लोकतंत्र समर्थक आंदोलनों को रोकना और हॉन्गकॉन्ग सरकार की शक्तियों को खत्म करना है ।  

ब्रिटेन ने यूरोपीय यूनियन ( European Union – EU ) का सदस्य रहते हुए वर्ष 2004 में विदेशी श्रमिकों को नागरिकता देने के निर्णय को स्वीकार किया था । 

इस निर्णय के बाद ब्रिटेन द्वारा विदेशी नागरिकों को स्वीकार करने हेतु यह पहला प्रमुख कदम है , जबकि ब्रिटेन इस समय यूरोपीय यूनियन का सदस्य भी नहीं है । 

hongkong and britain

पृष्ठभूमि – 

ब्रिटिश सरकार ने हॉन्गकॉन्ग में राष्ट्रीय सुरक्षा कानून लागू होने के पश्चात् हॉन्गकॉन्ग के लगभग 7,000 लोगों को अपने देश में आने की अनुमति दी थी । – 

इन्हें वीजा योजना के माध्यम से नहीं बल्कि सरकार की विशेष इजाजत पर प्रवास करने की अनुमति दी गई थी । –

उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के जवाब में ऑस्ट्रेलिया , ब्रिटेन और कनाडा ने हॉन्गकॉन्ग के साथ अपनी प्रत्यर्पण संधियों को निलंबित कर दिया है । 

विशेष वीज़ा योजना की शर्ते 

  1. ब्रिटेन में हॉन्गकॉन्ग के लोगों ( ब्रिटिश नेशनल ओवरसीज़ पासपोर्ट धारकों BN ( O ) ] और उनके आश्रितों को वीजा जारी किया जाएगा । .
  2. वीजा धारक ब्रिटेन में 5 वर्ष तक रह सकते हैं और काम कर सकते हैं । 
  3. वे ब्रिटेन की नागरिकता के लिये भी आवेदन कर सकेंगे । 

ब्रिटेन का पक्ष – 

ब्रिटेन के अनुसार , चीन का यह सुरक्षा कानून चीन – ब्रिटेन के बीच वर्ष 1984 में हुई संधि का गंभीर और स्पष्ट उल्लंघन है । . 

  1. चीन ने इस संधि के तहत वर्ष 1997 से 50 साल की अवधि तक 
  2. हॉन्गकॉन्ग की उदार नीति , 
  3. शासन प्रणाली , 
  4. स्वतंत्र न्यायपालिका और 
  5. व्यक्तिगत स्वतंत्रता का सम्मान करने का वादा किया था । 

चीन का पक्ष – 

चीन द्वारा ब्रिटेन के इस कदम की आलोचना की गई और कहा गया कि हॉन्गकॉन्ग 24 वर्ष पहले चीन को सौंप दिया गया था । – 

चीन ने कहा कि BN ( O ) पासपोर्ट उसकी संप्रभुता का उल्लंघन करता है , अत : वह इसे मान्यता नहीं देगा । 

आगे की राह – 

वर्तमान वीज़ा प्रणाली हॉन्गकॉन्ग के लोगों को राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के तहत चीन के गुप्त , तानाशाही और बलपूर्वक किये जाने वाले कार्यों से बचाव में सक्षम बनाएगी , 

हालाँकि हॉन्गकॉन्ग के लोगों के हितों की सुरक्षा के लिये आवश्यक है कि सभी हितधारकों के साथ मध्यस्थता और सुलह के माध्यम से दीर्घकालिक समाधान खोजा जाए । – 

राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के कारण एक पूर्व एशियाई व्यापारिक केंद्र के रूप में हॉन्गकॉन्ग की स्थिति पर खतरा उत्पन्न हो सकता है , चीन इस कानून के कारण पहले से ही वैश्विक आलोचना का सामना कर रहा है , जिसमें ब्रिटेन द्वारा की गई हालिया कार्यवाही भी शामिल है । 

तो दोस्तों अगर आपको यह जानकारी अच्छी लगे तो हमें कमेंट करके जरुर बतायें , और इसे शेयर भी जरुर करें।

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